मन के हारे हार है.. मन के जीते जीत..

मन के हारे हार है मन के जीते जीत ।कहे कबीर हरि पाइए मन ही की परतीत ॥ एक बार एक चिड़िया अपने बच्चों के साथ समुन्द्र के किनारे दाना चुग रही थी, तभी अचानक तेज लहरें आयी और चिड़िया के बच्चों को अपने साथ ले गईं . चिड़िया समुन्द्र के आगे बहुत गिड़गिड़ाई .."हे … Continue reading मन के हारे हार है.. मन के जीते जीत..

होली # “हो” “ली”

होली का त्यौहार है आया रंग बिरंगी खुशियां लाया ठहरों ठहरों रुको रुको कहाँ है ये खुशियां ज़रा ये तो बताओ , जो लोग बाँटते है खुशियां ज़रा उन से तो मिलवाओ | इस जहां में जहाँ हर एक इंसान एक दूसरे से जलता है , फिर होलिका दहन करने से क्या मिलता है| जो … Continue reading होली # “हो” “ली”