नारी

हां मैं हूं एक नारी

ईश्वर ने दी है मुझे बहुत बड़ी जिम्मेदारी

वह बोले सिर्फ तुम्हें है अधिकार,

तुम ही हो एक नया जीव इस दुनिया में लाने के हकदार

कभी सोचा है ईश्वर ने सिर्फ मुझे ही क्यों चुना,

क्योंकि उसने ही मुझ में समर्पण भाव है बुना

मैं ही हमेशा दूसरों के लिए जीती हूं,

कभी-कभी दूसरों की खुशियों के लिए खुद के आंसू पीती हूं

पर इसका मतलब यह नहीं कि तुम मुझे अबला कहकर करोगे मेरा अपमान ,

मत भूलो मैंने ही दिया है तुम्हें यह जीवन का वरदान

जननी हूं , अर्धांगिनी हूं, ग्रहणी हूं पर बन सकती हूं दुर्गा और काली,

अगर किसी ने मुझ पर या मेरे परिवार पर बुरी नजर डाली

ना है किसी से कोई उम्मीद ना है किसी से कोई आस,

मेरी शक्ति है मेरा आत्मविश्वास

हां मैं हूं एक नारी ….

हां मैं हूं एक नारी…..

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