एक हाउसवाइफ की कलम से

एक हाउसवाइफ की कलम से

सिखाने की उम्र में सीख रही हूं
हां मैं एक हाउसवाइफ हूं और खुश हूं

सीख लिया है मैंने बनाना बच्चों के लिए पास्ता
पर मुझे नहीं भाया यह अंग्रेजी नाश्ता

अपनी तो एक कप चाय और दो ब्रेड भली कभी ब्रेड की जगह रस्क या बिस्किट ने ले ली

बच्चों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना सीख रही हूं
हां मैं एक हाउसवाइफ हूं और खुश हूं

इन्हें ऑफिस जाने में देर ना हो जाए इसलिए कर देती हूं हर चीज तैयार

और इनकी एनर्जी नहीं वेस्ट करवाती यह कहने में कि मेरा hankey कहां है यार

टाइम मैनेजमेंट सीख रही हूं
हां मैं एक हाउसवाइफ हूं और खुश हूं

कभी स्पीकर पर मम्मी पापा से बात करते हुए खाना बनाती हूं

तो कभी बिटिया से Ques/Ans सुनते हुए कपड़े समेट देती हूं

मल्टीटास्किंग का गुण सीख रही हूं
हां मैं एक हाउसवाइफ हूं और खुश हूं

बच्चों के अच्छे मार्क्स आ जाने पर खुद की पीठ थपथपाथी हूं

इन्हें Mr.Punctual का अवार्ड मिलने पर खुद को ही बधाई दे देती हूं

Self Appreciation का नायाब तरीका सीख रही हूं

सिखाने की उम्र में सीख रही हूं
हां मैं एक हाउसवाइफ हूं और खुश हूं

10 thoughts on “एक हाउसवाइफ की कलम से

  1. I could easily connect with the poem, its so about me,☺ thats the art of writing. Keep it up honey, we r proud of you. Regarding the introduction u have beautifully conveyed in few words how awesome u r.
    Good luck

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